जिनागम  |  धर्मसार

Jain Muni Vidyasagar Ji Maharaj

श्रमण सूर्य गुरुणामगुरु ज्येष्ठाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलिकर स्वामी का 155वां अवतरण दिवस वर्ष

वर्तमान दिगम्बर जैन सन्तो के गुरुणामगुरु,श्रमण परम्पराजनक,मुनि धर्म सम्राज्य नायक त्रय महामुनिराज आचार्य श्री आदिसागर जी भगवन्त, चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी भगबन्त व आचार्य श्री शांतिसागर जी छाणी…

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1100 उपवास पूर्ण आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य, महा तपस्वी, प्रथमानुयोग के कुशल ज्ञाता, मौन साधनारत मुनि श्री 108 अनुत्तर सागर जी महराज

इस पंचमकाल में चतुर्थ काल जैसी साधना में लीन दिगम्बर जैन मुनि अनुत्तर सागर जीतीर्थ राज सम्मेद शिखर जी मुनि श्री सिंह निष्क्रीडित व्रत की कठिन साधना कर रहे है।…

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दस लक्षण महापर्व समापन: 9वीं की छात्रा ने किया दस दिन का कठिन उपवास, गाजे बाजे और घोड़ो की बघ्घी में बैठा कर ले जाया गया मंदिर

आज दस लक्षण महापर्व समापन के अवसर पर दस दिन का कठिन उपवास करने वालो मे 13 वर्ष एवं कक्षा 9 की छात्रा कुमारी रिद्धी जैन को परिवार जनो के…

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‘शौच पावन गंगा है, गंदा नाला नहीं, मोक्ष द्वार की चाबी है, अवरोधक ताला नहीं’

  उत्तम शौच उत्तम शौच का अर्थ है, लोभ कषाय का नाश करना। जीवन लोभ या लालच से मलिन है और शौच धर्म से पवित्र होता है। शौच का अर्थ…

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