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तपस्वी सम्राट की दुरदृष्टिता व जीर्णोद्धार का सीमांकन होते ही प्रभु श्री पार्श्वनाथ जी के पद अंगूठे से निकली जलधारा

आज से लगभग 32 वर्ष पूर्व सन 1988-89 में युगश्रेष्ठ आचार्यशिरोमणी तपस्वी सम्राट श्री सन्मति सागर जी ऋषिराज ससंघ का विश्व विख्यात अतिशयकारी तीर्थ क्षेत्र श्री अंदेश्वर पार्श्वनाथ पर आगमन…

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वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने 63 विशेष पुरुषों के बारे में बताया…

अभिनव श्रुत केवली वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में 63 शलाखा पुरुषों के बारे में बताया। भव्य जीवो के भव रूपी वृक्षों को छेदन करने के लिए…

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शाश्वत तीर्थ पर प्रारम्भ होंगी अंतर्मना आचार्य श्री की अनूठी पवित्र साधना

देखें वीडियो नई दिल्ली। साक्षात जीवंत तीर्थ सर्वोच्च महाऋषि श्री सम्भवसागर जी महागुरु की भव्य भक्ति पूर्वक आराधना करके उनके समक्ष ही लिए कठोर व्रत साधना का संकल्पजैन दर्शन का…

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‘शौच पावन गंगा है, गंदा नाला नहीं, मोक्ष द्वार की चाबी है, अवरोधक ताला नहीं’

  उत्तम शौच उत्तम शौच का अर्थ है, लोभ कषाय का नाश करना। जीवन लोभ या लालच से मलिन है और शौच धर्म से पवित्र होता है। शौच का अर्थ…

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