जिनागम  |  धर्मसार

By- जिनागम - धर्मसार

माँ क्या होती है?

पाँच किलो का पत्थर नौ घंटे पेट पर बांध कर रखना पता चल जाएगा माँ क्या होती है। (आचार्य प्रसन्नसागर…

“राष्ट्रहित के पुरोधा आचार्य महाप्रज्ञ को ‘भारत रत्न’ से विभूषित किया जाना चाहिए” – प्रो. फूलचन्द प्रेमी

आचार्य महाप्रज्ञ के महाप्रयाण दिवस पर जैन विश्व भारती संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार लाडनूं। तेरापंथ धर्म संघ के दसवें…

कबूतर ने संधारा पूर्वक धर्म, आराधना के साथ प्राण त्यागे

उन्हैल (उज्जैन) । निलेशजी ज्ञानचंदजी चंद्रावला के घर दिनांक 16/04/2021 को एक कबुतर घर आया ओर उनके घर पर ही…

कर्मदहन विधान (आ. ज्ञानमति माता जी)

कर्मदहन-विधानआ.ज्ञानमति-माता-जी

तत्त्वार्थसूत्र विधान-1

तत्त्वार्थसूत्र-विधान-1

चौसठरिद्धि विधान-3

चौसठरिद्धि-विधान-3

शांतिनाथ भक्ताम्‍बार विधान

शांतिनाथ-भक्ताम्बर-विधान
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