जिनागम  |  धर्मसार

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विश्व मैत्री उद्घोषक भगवान महावीर स्वामी

विश्व मैत्री भावना के उद्घोषक सनातन श्रमण संस्कृति में चौबीस तीर्थंकर भगवंत हुए है। जब – जब सृष्टि पर धर्म…

क्या कभी जैन समाज ऐसा कार्य करेगा, शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा

क्या जैन समाज कभी ऐसे नेक कार्य करेगा क्या जैन समाज ऐसा कार्य करने की कभी सोच भी सकता है…

शिवम एनक्लेव जैन समाज ने 108 मुनिश्री सकलकीर्ति जी महाराज को श्रीफल भेंट कर प्राप्त किया आशीष

शिवम एनक्लेव जैन मंदिर में कल होगा मुनिश्री का मंगल प्रवेश नई दिल्ली। आज प्रातः शिवम एनक्लेव के जैन समाज…

पहले स्वयं की आत्मा का सुधार करो फिर दूसरों का हित करोः वैज्ञानिक धर्माचार्य 108 कनकनंदी जी महाराज

नई दिल्ली/जयपुर। वैज्ञानिक धर्माचार्य 108 कनकनंदी जी महाराज की वेबीनार ज्ञानशाला का शुभारम्भ सुविज्ञसागर जी के मधुर कंठ से आचार्य…

१००८ भगवान चन्द्रप्रभु के मोक्ष कल्याणक दिवस पर विशेष

१००८ भगवान चन्द्रप्रभु जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर के रूप में प्रसिद्ध हैं। भगवान चन्द्रप्रभ  का जन्म काशी जनपद की…

दिगम्बर जैन इतिहास में जुड़ेगा नया अध्याय

दिगम्बर जैन इतिहास में जुड़ेगा नया अध्याय विश्व में पहली किसी दिगम्बर जैनाचार्य का अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार में मंगल सम्बोधन नई…

शौरीपुर में बरसेगा अतिशय

नवनिर्मित मन्दिर में विराजमान होंगे १००८ भगवान नेमीनाथ शौरीपुर/आगरा। प्रकृति की गोद में बसे 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ भगवान की गर्भ…

क्या आप जानते है वर्तमान में सबसे प्राचीन जैन प्रतिमा कौन सी है

श्री शंखेश्वर तीर्थ में स्थित १००८ भगवान श्री पार्श्‍वनाथ जी की प्रतिमा अथवा गिरनार तीर्थ में स्थित १००८ भगवान श्री…

गुरुणाम गुरु का प्रेरक प्रसंग

समाज के दायरे से बढ़कर प्रत्येक प्राणी पर होती है महापुरुषों की करुणा 19वीं शताब्दी में महाराष्ट्र के अंकली ग्राम…

धरसेनसागर जी महाराज ने की गिरनार तीर्थ की 1008 वंदना सम्पन्न

जूनागढ़। प्रशान्त मूर्ति आचार्य शांतिसागर जी महाराज (छाणी) परम्परा के चतुर्थ पट्टाचार्य गिरनार गौरव जैनाचार्य श्री निर्मलसागर जी महाराज के…
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