- 21/10/2021
- By- जिनागम - धर्मसार
पूज्यपाद बालाचार्य श्री योगेन्द्र सागर जी भगवन्त की प्रतिमा स्थापन होते ही समूची सभा बालाचार्य गुरुदेव व आचार्य श्री अनुभवसागर जी के जयकारो से गूंज उठी
श्री 18000 भारतवर्षीय दशा हुमड़ जैन समाज दों मन्दिर बंदी जी के गौरवशाली सेठ साहब स्व. दिलीप जी नोगामिया के स्मृति में अतिशय क्षेत्र योगेंद्र गिरी पर विघ्न हर्ता-जन जन…
Read More- 20/10/2021
- By- जिनागम - धर्मसार
बाबा के द्वार फिर हुआ चमत्कार, श्रद्धालुओं ने लगाई जय जयका
आज अश्विन शुक्ल पूर्णिमा बुधवार को श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र प्यावड़ी पीपलू में हर पूर्णिमा की भांति इस पूर्णिमा के दिन फिर चमत्कार हुआ। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा…
Read More- 06/08/2021
- By- जिनागम - धर्मसार
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित सौंदर्यता से भरा महातिशयकारी श्री अंदेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र
संक्षिप्त ऐतिहासिक परिचय👇अनेक शताब्दियों पूर्व पास के खेतों में भगवान श्री पार्श्वनाथ की मनोहारी प्रतिमा प्राप्त हुई थी,प्रतिमा पर सम्वत या अन्य कोई उल्लेख उत्कीर्ण नही है जिससे यह माना…
Read More- 23/07/2021
- By- जिनागम - धर्मसार
आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के 52वें अवतरण दिवस पर शत् शत् नमन
नई दिल्ली। मुनि प्रसन्न सागर जी महाराज पुष्प दंत सागर जी महाराज के शिष्य है। 23 जुलाई 1970 में छतरपुर में अभय कुमार व शोभा देवी के घर जन्में प्रसन्न…
Read More- 26/08/2020
- By- जिनागम - धर्मसार
‘शौच पावन गंगा है, गंदा नाला नहीं, मोक्ष द्वार की चाबी है, अवरोधक ताला नहीं’
उत्तम शौच उत्तम शौच का अर्थ है, लोभ कषाय का नाश करना। जीवन लोभ या लालच से मलिन है और शौच धर्म से पवित्र होता है। शौच का अर्थ…
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