लेख/साहित्य/विचार

आचार्य विद्यानंद जी की प्रेरणा से मैं प्राकृत भाषा के प्रति समर्पित हुआ – आचार्य सुनीलसागर

(कुन्दकुन्द भारती में प्राकृत विद्वतसंगोष्ठी) 12फरवरी,कुन्दकुन्द भारती ,नई दिल्ली में आचार्य सुनील सागर महाराज का ससंघ पदार्पण हुआ ।इस अवसर पर 13 फरवरी 24 को प्राकृत विद्वतसंगोष्ठी का आयोजन किया…

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सकल जैन समाज दिल्ली NCR द्वारा विनयांजलि सभा

परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी की संयमपूर्वक समाधि हुई,जिसकी आज विनयांजलि सभा जैन बालाश्रम,दरियागंज, दिल्ली में प्राचीन अग्रवाल दिगंबर जैन पंचायत द्वारा आचार्य प्रज्ञसागर जी महराज के पावन सान्निध्य…

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हमारी विरासत : गोपाचल पर्वत, ग्वालियर (मध्यप्रदेश) 

क्षेत्र परिचय24 जैन तीर्थंकरों  की आश्चर्यजनक रॉक-कट मूर्तियों के साथ गोपाचल पर्वत है। ग्वालियर  में, गोपाचल पर चट्टान से उकेरी गई इन प्रभावशाली मूर्तियों का दौरा करना एक आध्यात्मिक और…

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भगवंत स्वरूप आचार्यश्री 108 विद्यासागर जी महाराज के चरणों में शत् शत् नमोस्तु ! भावपूर्ण विनयांजलि – डॉ. अरिहन्त कुमार जैन, मुम्बई

भगवान नहीं देखे थे हमनेभगवंत स्वरूप को देखा हैऐसे गुरुवर आचार्य श्रीविद्यासागर को देखा है वीतरागी परम दिगम्बरश्रमण संस्कृति के सूर्य थेउत्तम क्षमादि धर्म के धारीमहाव्रतों से पूर्ण थे आभ्यंतर-बाह्य…

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संत शिरोमणि गुरुवर आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद मुझे सदैव प्रेरित करता रहेगा – डॉ. इन्दु जैन राष्ट्र गौरव

संत शिरोमणि गुरुवर आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद मुझे सदैव प्रेरित करता रहेगा… संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रत्यक्ष दर्शन,चर्चा,आशीर्वाद,उनकी धर्म सभा में…

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आचार्य विद्यासागर को याद कर भावुक हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

आचार्य विद्यासागर को याद कर भावुक हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने संबोधन के दौरान आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि मरण पर…

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आचार्य श्री का जीवन ही उनका दर्शन था

समणपरंवरसुज्जंसययसंजमतवपुव्वगप्परदं।चंदगिरिसमाधित्थंणमो आयरियविज्जासायराणं ।। श्रमण परम्परा के सूर्य , सतत संयम तप पूर्वक आत्मा में रमने वाले और चंद्रगिरी तीर्थ पर समाधिस्थ (ऐसे) आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी को हमारा कोटिशः…

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रावण पार्श्वनाथ की उत्पती के पीछे एक इतिहास छिपा है

राजस्थान प्रांत के अलवर शहर से ३ की.मी. दूर श्री रावण पार्श्वनाथ का भव्य जिनालय है। प्रतिमाजी १२ इंच ऊँचे, ९ इंच चौड़े, सात फनों से युक्त है।रावण पार्श्वनाथ की…

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अन्तर्मना उवाच- हर घर में रावण जैसा बेटा पैदा होना चाहिए

गर्भवती माँ ने बेटी से पूछा – क्या चाहिए-? भाई या बहिन–?बेटी बोली — भाईमाँ –‌ किसके जैसा-?बेटी – रावण जैसामाँ – क्या बकती है-?पिता ने धमकाया — माँ ने…

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श्रमण सूर्य गुरुणामगुरु ज्येष्ठाचार्य श्री आदिसागर जी अंकलिकर स्वामी का 155वां अवतरण दिवस वर्ष

वर्तमान दिगम्बर जैन सन्तो के गुरुणामगुरु,श्रमण परम्पराजनक,मुनि धर्म सम्राज्य नायक त्रय महामुनिराज आचार्य श्री आदिसागर जी भगवन्त, चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी भगबन्त व आचार्य श्री शांतिसागर जी छाणी…

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