लेख/साहित्य/विचार

माँ क्या होती है?

पाँच किलो का पत्थर नौ घंटे पेट पर बांध कर रखना पता चल जाएगा माँ क्या होती है। (आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज) निमियाघाट-अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता साधना महोदधि भारत…

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गुरुणाम गुरु का प्रेरक प्रसंग

समाज के दायरे से बढ़कर प्रत्येक प्राणी पर होती है महापुरुषों की करुणा 19वीं शताब्दी में महाराष्ट्र के अंकली ग्राम में शिवगोड़ा नाम का एक 12 वर्षीय बाल किशोर था,…

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फाल्गुन वदी एकादशी पर विशेष

इसी तिथि पर मरुदेवी माता ने इस अवसर्पिणी काल में मोक्ष के द्वार खोले थे। माता मरुदेवी का परिचय मरुदेवी माता की उंचाई 500 धनुष यानि 1500 मीटर थी,  उनके…

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जैन कहानियाँ- भाग-31

… 🙏🏻 जय जिनेन्द्र 🙏🏻 … 🌿🌸⚜⭕⚜🌸🌿 “कर्मों ने किसी को नहीं छोड़ा” 🌾🌺 कंस के वध के पश्चात द्वारिका में आकर बसे यादवों का सोलह कलाओं में विकास हुआ…

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‘मन की कुटिलता को जड़ से खत्म करता है उत्तम आर्जव धर्म’

‘ऋजोर्भाव: इति आर्जव: अर्थात आत्मा का स्वभाव ही सरल स्वभाव है इसलिए प्रत्येक प्राणी को सरल स्वभाव रखना चाहिए। आत्मा के स्वभाव को प्राप्त करने के लिए हमें मन-वचन-काय से…

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आर्थिक रूप से कमजोर जैन भाईयों की मदद होगी जिनशासन की सच्ची सेवा

आज जब एक तरफ जहां हमारे हजारों जैनी भाई-बहनों जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है या बिल्कुल अच्छी नहीं है खासकर निम्नवर्गीय जैनों जिनको सरकार से कोई सरकारी आरक्षण नहीं…

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कोरोना वायरस से भयमुक्त कराता है जैन दर्शन

हमें कोरोना वायरस से सतर्क रहना है, सभी नियमों का पालन करना है लेकिन भयभीत नहीं होना है, घबड़ाना नहीं है। कोरोना के साथ संघर्ष के लिए जो आत्मबल चाहिए,…

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योग विद्या के प्रवर्तक हैं ऋषभदेव

भारत में प्रागैतिहासिक काल के एक शलाका पुरुष हैं- ऋषभदेव, जिन्हें इतिहास भी काल की सीमाओं में नहीं बांध पाता है। किंतु वे आज भी भारत की सम्पूर्ण भारतीयता तथा…

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महान साधक की सादगी का दुर्लभ नजारा

इस युग के महान साधक आचार्य शिरोमणि श्री 108 सन्मति सागर जी भगवन्त ऊचाईयो पर पहुच कर भी कभी अपनी जड़ों को नही भूले- सन 1962 से सन 2010 तक…

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कहौम का जैन-स्तम्भ (अभिलिखित), गुप्त काल

उत्तरप्रदेश में देवरिया जिले में सलेमपुर रेलवे स्टेशन से 5 किमी की दूरी पर एक छोटा सा गांव कहौम (ककुभग्राम, कहाउँ, कहावम, कहाव) स्थिति है। बलुए प्रस्तर में निर्मित 27…

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