जिनागम  |  धर्मसार

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निस्पृहि सन्त आचार्य श्री कनकनन्दी जी गुरूराज के दृढ़ नियम व श्री समाज ने पेश की अनूठी मिसाल

🙏👏👇🙏👏👇🙏👏👇 निस्पृहि सन्त आचार्य श्री कनकनन्दी जी गुरूराज के दृढ़ नियम व श्री समाज ने पेश की अनूठी मिसाल पुनर्वास…

अन्तर्मना उवाच- आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज

सुख, शांति, प्रेम और प्रसन्नता का अर्थ लड़ना झगड़ना नहीं है, बल्कि. उन बुराइयों से कुशलता पूर्वक दूर हो जाना,…

🌹जैन आगम शब्दकोश भाग-104

🔅आत्ममुख (हेत्वाभास) A fallacy in expressing self. स्ववचन बाधित। जैसे मेरी मां बाँझ है। 🍹आत्मयज्ञ A supreme sacrificial act of…

दिवंगत जैन मुनि तरुण सागर जी द्वारा रचित कविता “आदमी की औकात”

फिर घमंड कैसा घी का एक लोटा, लकड़ियों का ढेर, कुछ मिनटों में राख….. बस इतनी-सी है    आदमी की…

जन-जन का आत्मबल ऐसे करें मजबूत

🙏👇🙏👇🙏👇🙏👇🙏👇 आपदा के इस काल मे स्वाध्याय के साथ साथ जैन आध्यात्मिक रिद्धि मंत्रो द्वारा जन जन के आत्मबल को…

वंश का अंश परमहंस ही बने यह जरूरी नहीं- (आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज)

निमियाघाट-(झारखंड). अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता साधना महोदधि भारत गौरव उभय मासोपासी आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज ने निमियाघाट के…

पूज्य मुनिवर श्री चंद्र गुप्तमुनी श्री जी की महिलाओं को समर्पित अनुपम रचना

जय जिनेंद्र पूज्य मुनिवर श्री चंद्र गुप्तमुनी श्री जी की महिलाओं को समर्पित पूज्य मुनिवर श्री चंद्र गुप्तमुनी श्री  जी…
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